नई दिल्ली : शुक्रवार 30 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश में 72 हजार शिक्षक भर्ती के 2017 से लंबित पड़े मामले में सर्वोच्च न्यायालय का एक महत्वपूर्ण फैसला आया है जिसमें कहा गया है कि जितनी वेकेंसी खाली हैं उन्हें तुरंत भरा जाए और यदि जरूरत हो तो पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

जिन शिक्षक अभ्यर्थियों ने यह याचिका लगाई थी उनकी कोशिश से 6000 प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों के चयन का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की है, जिसमें सरकार अपना पक्ष रख सकती है।
अब सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि किस तरह से इन शिक्षकों को भर्ती किया जाएगा, और कितनी संख्या बढ़ाई जाएगी, इन्हें भर्ती करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिन शिक्षकों के हित में यह फैसला आया है उनमें खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
विशेष संवाददाता









