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चैंबर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज एसोसिएशन के हाथरस चैप्टर चेयरमैन बने रतन बिहारी अग्रवाल

जो खाएंगे उसी क्वालिटी को खिलाएंगे: रतन बिहारी अग्रवाल

खाद्य सुरक्षा के मनको की गंभीरता को समझना होगा: डॉ प्रशांत शर्मा (विशेषज्ञ फूड सेफ्टी)

हाथरस: मंगलवार 24 फरवरी 2026

अलीगढ़ हाथरस रोड पर स्थित होटल अंबा एंबिएंस में चैंबर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज एसोसिएशन के हाथरस चैप्टर की विधिवत घोषणा की गई। कार्यक्रम में हाथरस चैप्टर की घोषणा चेंबर फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय सलाहकार मनीष अग्रवाल द्वारा की गई ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती की माल्यार्पण एवं दीप प्रजनन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नितिन गोयल अनुज सिंघल शैलेश अग्रवाल विकास चतुर्वेदी डॉक्टर प्रशांत शर्मा रतन बिहारी अग्रवाल राकेश अग्रवाल पंकज अग्रवाल अजय खंडेलवाल मौजूद थे।

हाथरस चैप्टर की घोषणा के साथ खाद्य सुरक्षा की मानकों और उनकी उपयोगिता पर विशेष सत्र के माध्यम से सेमिनार आयोजित की गई। विशेषज्ञ के रूप में डॉक्टर प्रशांत शर्मा ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि खाद्य सुरक्षा की मानकों से भागने की आवश्यकता नहीं है, समझ कर उसको अनुपालन करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाने के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा।

केंद्र व राज्य सरकार ने सुरक्षा मानकों को लेकर पुराने नियमों में बदलाव भी किया है, और कुछ नए नियम भी लागू किए हैं, ग्राहकों की जागरूकता को देखते हुए निर्मित खाद्य उत्पादकों की पैकिंग पर उसकी सुरक्षा से संबंधित सभी चीजों को लिखना होगा।

एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और मानक (फूड प्रोडक्ट्स स्टैंडर्ड्स एंड फूड एडिटिव्स) रेगुलेशन्स, 2011 में संशोधन किए हैं। इनमें खाने के तेलों के लिए रिफ्रेक्टिव इंडेक्स, मांस सॉसेज, डिहाइड्रेटेड टैरागन, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और एंजाइम्स के नए मानक शामिल हैं। ये बदलाव फूड प्रोसेसर्स को फॉर्मूलेशन, टेस्टिंग और लेबलिंग अपडेट करने के लिए बाध्य करते हैं।

मानव सुरक्षा पर प्रभाव के मानक उपभोक्ताओं को मिलावटी, दूषित या असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाते हैं। उदाहरण स्वरूप, मांस सॉसेज में तापमान नियंत्रण, माइक्रोबायोलॉजिकल अनुपालन और एडिटिव्स की सीमाएं निर्धारित की गई हैं, जो बैक्टीरिया या विषाक्त पदार्थों से सुरक्षा प्रदान करती हैं। इसी तरह, सिंथेटिक फूड कलर्स और एंजाइम्स पर सख्त कंट्रोल से विषैले तत्वों का जोखिम कम होता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करता है।

हाथरस चैप्टर में चैयरमेन के रूप में रतन बिहारी अग्रवाल, (को चैयरमेन) के रूप में चार नाम की घोषणा की गई, नितिन अग्रवाल, रॉबिन वार्ष्णेय, विशाल अग्रवाल, विशाल चाहर।

इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े हाथरस के 40 से अधिक उद्यमियों को संगठन की सदस्यता के साथ शपथ दिलाई गई। हाथरस हींग संगठन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने चेंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्टरीज एसोसिएशन के कार्यक्रम में हाथरस की हींग व्यवसाय से जुड़ी नीतिगत समस्याओं को बताया, और कहा कि उद्योग प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इस उद्योग में कौशल विकास स्किल डेवलपमेंट योजना की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में आगरा से विशेष रूप से संगठन के महासचिव अनुज सिंघल द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। तनिष्क आदिवाल, वैभव खंडेलवाल, सौरभ गुप्ता, मनोज अग्रवाल, प्रमोद सलूजा, अभय गोयल, हर्षित अग्रवाल, हर्ष मित्तल, मनु गर्ग, धीरेंद्र, अनुभव खंडेलवाल, पंकज कुमार अग्रवाल, प्रवीण गुप्ता कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद रहे।कार्यक्रम की व्यवस्थाएं अपराक शर्मा तथा दिलीप कुमार द्वारा संभाली गई।

न्यूज़ डेस्क

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