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प्रेम के वश में प्रभु—भक्त काले खां की पुकार पर प्रकट हुए मदन मोहन

नवम दिवस पर “काले खां–मदन मोहन जी” लीला ने दिया सद्भाव और समर्पण का दिव्य संदेश

आगरा: बुधवार 18 फरवरी 2026

श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के नवम दिवस सायंकाल काले खां–मदन मोहन जी लीला का अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी एवं हृदयस्पर्शी मंचन किया गया। नवीन गल्ला मंडी परिसर में सजे भव्य पंडाल में प्रस्तुत इस अलौकिक प्रसंग ने यह संदेश दिया कि प्रभु केवल प्रेम के अधीन होते हैं—वे जाति, पंथ और सीमाओं से परे अपने भक्त की सच्ची पुकार अवश्य सुनते हैं।

ठाकुर जी एवं स्वरूपों की आरती आगर व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल ने उतारी।

लीला में काले खां की निष्कपट श्रद्धा और श्री मदन मोहन जी के प्रति उनके अटूट प्रेम का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया। लीला में दर्शाया गया कि भिन्न पंथ से होने के बावजूद काले खां का हृदय श्रीकृष्ण प्रेम से ओतप्रोत था। समाज की आपत्तियों और विरोध के बीच भी उनका विश्वास अडिग रहा। वे प्रतिदिन पूर्ण श्रद्धा से प्रभु का नाम जपते और उनके दर्शन की अभिलाषा रखते।

लीला के चरम प्रसंग में जब काले खां की भक्ति की कठोर परीक्षा ली जाती है, तब वे अडिग विश्वास के साथ प्रभु का स्मरण करते हैं। उनकी करुण पुकार और निष्कलंक समर्पण से द्रवित होकर स्वयं श्री मदन मोहन जी प्रकट होकर अपने भक्त की लाज रख लेते हैं। प्रभु के प्राकट्य का दृश्य अत्यंत भावविभोर कर देने वाला रहा। पूरा पंडाल “जय श्री राधे” और “मदन मोहन लाल की जय” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भावविभोर होकर खड़े हो गए और पुष्पवर्षा से उस दिव्य क्षण का स्वागत किया।

कलाकारों के सजीव अभिनय, भावपूर्ण संवाद एवं मधुर भजनों ने वातावरण को ब्रजमय बना दिया। मंच सज्जा एवं प्रकाश व्यवस्था ने लीला को और भी प्रभावशाली स्वरूप प्रदान किया।

स्वामी लक्ष्मण जी महाराज एवं स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि काले खां–मदन मोहन जी की लीला मानवता, सद्भाव और निष्कपट भक्ति की अनुपम मिसाल है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जहां सच्चा प्रेम और अटूट विश्वास होता है, वहां स्वयं भगवान अपने भक्त की रक्षा हेतु प्रकट होते हैं।

आयोजन में प्रतिदिन की भोजन प्रसादी व्यवस्था अंकुर अग्रवाल संभाल रहे हैं।इस अवसर पर ओम प्रकाश अग्रवाल, महावीर मंगल, शैलेंद्र अग्रवाल, नरेश चंद्र, जय प्रकाश अग्रवाल, शंभू नाथ, राज कुमार, सत्य प्रकाश, विक्रांत गोयल, गोपाल गोयल, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

न्यूज़ डेस्क

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