फुटफॉल तेजी से बढा, क्षमता से छै गुना अधिक उपयोग
आगरा: गुरुवार 18 दिसंबर 2025
सिविल एयरपोर्ट आगरा पर हवाई यात्रियों के लिये सुविधाओं के विकास क्रम में अर्जुन नगर के गेट से सिविल एयरपोर्ट की ट्रांजिक्ट लाऊंज तक कवर्ड पाथ वे तैयार हो चुका है, जमीन से लगभग एक फुट ऊंचा यह पैदल रास्ता सुविधाजनक है और हवाई यात्री जहां मानसून काल में वर्षा से वहीं मई जून के महीनों में धूप से भी बचे रह सकेंगे ।

सिविल एयरपोर्ट के डायरैक्टर विवेक कुमार शर्मा ने बताया कवर्ड पाथ वे से यात्रियों का ट्रांजिक्ट लॉउज तक आना-जाना तो सुविधा जनक हो ही गया है साथ ही फुटपाथ को मानसून कालीन जलभराव की स्थिति से बचाने के लिये कई जगह क्रास पाइप डलवाये गये है,जिसके फलस्वरूप वार्षा के दौरान जलभराव से होने वाली असुविधा लगभग समाप्त हो गयी है।
एयरपोर्ट डायरैक्टर ने बताया कि एयरपोर्ट का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, सीमित एयर कनैक्टिविटी के बावजूद वर्तमान में लगभग 1500 फुटफाल की स्थिति है।फिलहाल केवल चार फ्लाइटों का यहां आना जाना होता है। एयर कनैक्टिविटी यदि और बढ़ जाये तो फुटफाल और बढ़ जायेगा।

एक जानकारी में उन्होंने बताया कि आगरा मथुरा सहित आसपास के जनपदों में हवाई यात्रियों की संख्या में बढोत्तरी हुई है, पब्लिक द्वारा दिये गये डिमांड व रिक्वेस्ट लैटरों को वह आगे फारवर्ड कर चुके हैं। चार फ्लाइट होने के बावजूद अगर कुछ और महानगरों से इसकी एयर कनैक्टिविटी बढ़ जाये तो इसका उपयोग करने वाले हवाई यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढोत्तरी हो जायेगी।
एक जानकारी में उन्होंने बताया कि डिमांड अधिक होने से इंडिगो को कनैक्टिविटी फ्लाइट के लिये मुंबई और बैंगलोर के लिये 220 यात्रियों की क्षमता वाली ए321(A321) उड़ रही है l यात्रियों की संख्या उत्साहवर्धक है, तथा उड़ानें पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं।
श्री शर्मा ने बताया कि पार्किंग की सीमित क्षमता और डिमांड की अधिकता होने से एयर टर्मिनल में अब पार्किंग के लिये एयर क्राफट को पूरा घुमाकर निकलने के स्थान पर पुशबैक कर पीछे से ही हवाई पट्टी (टर्मिनल के टैक्सी ट्रेक) तक ले जाया जा रहा है, इंडिगो दो मार्गों, मुंबई और बैंगलोर पर 220 यात्रियों की क्षमता वाली ए321 उड़ा रही है।

आगरा एयरपोर्ट की आर्थिक स्थिति में लगतार सुधार हो रहा है, पिछले साल एयरपोर्ट ऑथोरिटी का इस पर लगभग 21 करोड़ संचालन व्यय हुआ था, जबकि आय 16 करोड़ थी। इस स्थिति में चालू वित्तीय वर्ष में और सुधार होने का अनुमान है।
एक जानकारी में उन्होंने बताया कि भारत के भीतर और बाहर दोनों जगह से बड़ी संख्या में चार्टर उड़ानें आगरा आती हैं। यह एयरपोर्ट अथार्टी का “कस्टम हवाई अड्डा” है। यहां विदेशी फ्लाइट आने पर ‘आन डिमांड’ कस्टम क्लीयरेंस की व्यवस्था है।
नये एयरपोर्ट के बनते ही बढ़ेगी कनैक्टिविटी
एयरपोर्ट डायरैक्टर ने कहा कि धनौली में नया एयरपोर्ट बन रहा है, उम्मीद है कि 2027 से पूर्व वह फंक्शनल हो जायेगा। लेकिन नागरिक सुविधाओं व अवस्थापना से संबधित कुछ जरूरतें और सुधार ऐसे हैं, जो कि दोनों ही स्थानों के लिये आवश्यक हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण खेरिया एयरपोर्ट के मुख्य गेट से धनौली तक आगरा-जगनेर रोड पर जलभराव को रोकने की प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। उ.प्र. जल निगम के द्वारा इसके लिये नाला बनाया जाना है।

नगरीय परिवहन निदेशालय के तहत संचालित आगरा मथुरा शहर परिवहन सेवाएं लि.(AMCPTL ) के द्वारा अर्जुन नगर गेट के पास बनी ट्रांजिक्ट लाऊंज से एयरपोर्ट की बिल्डिंग तक यात्रिओं को लाने और ले जाने के लिये चार इलैक्ट्रिक बसे संचालित की जा रही हैं। इनका उपयोग करने के लिये प्रत्येक यात्री को 50 रुपया देय होता है। अन्य सिविल एयरपोटों से भिन्न इस व्यवस्था पर अक्सर इस किराये को लेकर यत्रियों के द्वारा अप्रसन्नता जतायी जाती है। इसी को दृष्टिगत एयरपोर्ट अथार्टी बसों का उपयोग करने वाले यात्रियों से इस वसूली को बंद करवाने के लिये परिवहन सेवा संचालक कंपनी से बात कर खुद ही व्यय भुगतान करने की व्यवस्था के लिये प्रयास कर रही है।
इंडिगो के स्टेशन प्रबंधक ने एक जानकारी में बताया कि इंडिगो के द्वारा लॉजिस्टिक सेवा भी प्रदान की जा रही है, सामान बुक करवाने के लिये अर्जुन नगर गेट के पास ही गोदाम और बुकिंग की व्यवस्था है। आगरा से मुख्य रूप से चांदी का बना सामना बुक किया जााता है, पूर्व में चमड़े के सामान की बुकिंग होती रही थी। आगरा एयरपोर्ट पर एयरकार्गो व्यवस्था का प्राविधान है, एयरलांस का प्रयास है कि कार्गो संबधी व्यवस्था को बढ़ाया जाये।एक जानकारी में बताया कि उन्हें अपने अनुभव के आधार पर अनुमान है कि नया एयरपोर्ट बनते ही आगरा में हवाई यात्रियों की संख्या और फ्लाइटें तेजी के साथ बढ़ेंगी।
सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के प्रतिनिधि मंडल में सेक्रेटरी अनिल शर्मा, राजीव सक्सेना और असलम सलीमी शामिल थे।
न्यूज़ डेस्क









