आगरा: शुक्रवार 12 दिसंबर 2025
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के डॉक्टरों ने संजय प्लेस में प्रेस वार्ता में रहस्योद्घाटन करते हुए बताया कि आगरा के 21 वर्षीय युवक का उपचार करते हुए हैप्लोआइडेंटिकल बोनमैरो ट्रांसप्लांट (Half match family donor) सफलतापूर्वक किया। यह मरीज एक्यूट मायेलॉयड ल्यूकेमिया (AML) यानि बोनमेरो से शुरू होने वाले आक्रामक ब्लड कैंसर से जूझ रहा था। यह कॉम्प्लेक्स प्रोसीज़र मैक्स अस्पताल, साकेत के हेमेटोलॉजी और बोनमैरो ट्रांसप्लांट विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. फ़रहान नईम और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।
21 वर्षीय छात्र मनन शर्मा जून 2025 से लगातार बुखार और तेज़ थकान की समस्या से जूझ रहे थे। आगरा में हुई शुरुआती जांचों ने ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर जो मुख्य रूप से वाइट ब्लड सेल्स को प्रभावित करता है) की मजबूत संभावना दर्शाई गई, इसलिए बिना देरी किए उन्हें मैक्स अस्पताल, साकेत रेफर किया गया। मैक्स अस्पताल, साकेत में की गई विस्तृत जांचों में पुष्टि हुई कि मनन को AML है, जो तेजी से बढ़ने वाला ब्लड कैंसर है, और जिसका तुरंत व गहन इलाज जरूरी होता है। इसके बाद उन्हें तुरंत भर्ती किया गया और इलाज शुरू हुआ, जिसमें लगातार बुखार के लिए एंटीबायोटिक्स दिए गए और फिर इंटेंसिव कीमोथेरेपी शुरू की गई।
मैक्स अस्पताल, साकेत के हेमेटोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. फ़रान नईम ने बताया कि, ‘इंडक्शन कीमोथेरेपी’ के बाद दोबारा की गई जांच में बीमारी रेमिशन में चली गई। हालांकि हाई-रिस्क जेनेटिक म्यूटेशन के कारण लंबे समय के इलाज के लिए एलोजेनिक बोनमैरो ट्रांसप्लांट ज़रूरी था। मनन इकलौते बेटे होने के चलते उनका कोई (Matched sibling donor) मैच्ड सिबलिंग डोनर नहीं था, इसलिए परिवार को हैप्लोआइडेंटिकल यानी हाफ-मैच ट्रांसप्लांट के लिए काउंसिल किया गया, जिसमें उनके पिता डोनर बने।
हैप्लोआइडेंटिकल ट्रांसप्लांट करना बेहद सटीक प्लानिंग और पोस्ट-ट्रांसप्लांट कॉम्प्लीकेशन्स की सावधानीपूर्वक मैनेजमेंट मांगता है। मनन हर चरण में बेहतरीन ढंग से प्रतिक्रिया देते रहे। छह महीने बाद उन्हें सामान्य जीवन में लौटते देखना टीम के लिए बेहद संतोषजनक रहा। यह सफलता मैक्स अस्पताल, साकेत की एडवांस्ड BMT सुविधाओं और विशेषज्ञ टीम की क्षमता को दर्शाती है।

डॉ. फ़रहान नईम ने आगे बताया कि, “मनन का केस दिखाता है कि किस तरह आधुनिक बोनमैरो ट्रांसप्लांट तकनीकें युवा मरीजों को नई जिंदगी दे रही हैं, खासकर तब, जब पूरा मैच डोनर नहीं मिल पाता। हैप्लोआइडेंटिकल BMT परिवारों के लिए बड़ा समाधान है, जो डोनर की कमी के कारण इलाज से वंचित रह जाते हैं। मनन की रिकवरी समय पर डायग्नोसिस, मल्टी-डिसिप्लिनरी केयर और परिवार के मजबूत सहयोग का परिणाम है।
“मनन ने मैक्स अस्पताल, साकेत में हैप्लोआइडेंटिकल BMT सफलतापूर्वक कराया, जो हाई लेवल क्लिनिकल प्रिसीजन, इंफेक्शन कंट्रोल और लगातार मॉनिटरिंग मांगता था। आज, ट्रांसप्लांट के छह महीने बाद, वह सामान्य जीवन जी रहे हैं, किसी बड़ी दवा की जरूरत नहीं है और अपनी दिनचर्या में धीरे-धीरे पूरी तरह लौट रहे हैं। उनकी रिकवरी यह साबित करती है कि जब पूरा मैच डोनर उपलब्ध नहीं होता, तब भी हैप्लोआइडेंटिकल ट्रांसप्लांट हाई रिस्क मरीजों के परिणामों को बेहद सुधार सकता है।
मैक्स अस्पताल, साकेत एडवांस्ड हेमेटोलॉजी और बोनमैरो ट्रांसप्लांट का अग्रणी केंद्र है, जो कॉम्प्लेक्स ब्लड कैंसर वाले मरीजों के लिए अत्याधुनिक और जीवन बदलने वाले उपचार उपलब्ध कराता है।
विशेष संवाददाता










