सरस्वती शिशु मंदिर, सुभाष पार्क में सनातन सेवा समिति का विराट हिंदू सम्मेलन सम्पन्न
साध्वी बोलीं माताएं ही हैं राष्ट्र की प्रथम शिल्पकार, धर्मांतरण और लव जिहाद पर चेताया
आगरा: सोमवार 9 फ़रवरी 2026
सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर, सुभाष पार्क पर आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कार और मातृशक्ति के जागरण का सशक्त मंच बना। सम्मेलन की मुख्य अतिथि सनातन संस्कृति की प्रखर प्रचारक साध्वी ब्रज किशोरी (श्रीधाम वृंदावन) रहीं।
उन्होंने अपने भावपूर्ण एवं ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि “राष्ट्र का भविष्य माताओं की गोद से ही तय होता है। यदि मां संस्कारवान होगी तो संतान राम, कृष्ण, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस बनेगी; और यदि संस्कार नहीं मिले तो वही संतान राष्ट्र के लिए संकट भी बन सकती है।”साध्वी ब्रज किशोरी ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की प्रथम गुरु मां होती है।
तिलक, कंठी, स्वच्छता, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सनातन चेतना का बीज बचपन में ही मां द्वारा बोया जाता है। उन्होंने दो सशक्त उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि भगत सिंह और अपराधी—दोनों का निर्माण भी मां के संस्कारों पर निर्भर करता है।उन्होंने भावुक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगत सिंह की मां ने राष्ट्र के लिए अपने पुत्र का बलिदान सहर्ष स्वीकार किया, वहीं एक अपराधी ने अपनी फांसी से पूर्व अपनी मां को अपनी गलत परवरिश का कारण बताया।
अपने उद्बोधन में साध्वी जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज हिंदू समाज को बांटने का सबसे बड़ा हथियार जातिवाद बन गया है। शास्त्रों में ‘दलित’ जैसा कोई शब्द नहीं है, बल्कि समाज एक शरीर की तरह है—जिसमें मुख, भुजाएं, उदर और चरण सभी आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि “यदि हम मंच से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में भी ‘हम सब हिंदू हैं’ को उतार लें, तो हिंदू राष्ट्र बनने में अधिक समय नहीं लगेगा।”उन्होंने माताओं से आह्वान किया कि वे सजग रहें, स्वयं को पहचानें और धर्मांतरण व लव जिहाद जैसी साजिशों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अबला नहीं, बल्कि सृजन और संकल्प की देवी है।
उन्होंने काव्यात्मक पंक्तियों के माध्यम से माताओं में आत्मविश्वास भरते हुए कहा कि “नारी यदि ठान ले, तो इतिहास रच सकती है।”साध्वी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वे परिवार, सुख और सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्र सेवा में लगे हैं। उन्होंने कहा कि “राष्ट्र सुरक्षित होगा, तभी हम सुरक्षित रहेंगे।”उन्होंने मातृशक्ति से आग्रह किया कि वे संघ की पांच परिवर्तन की भावना को आत्मसात करें और परिवार को संस्कारयुक्त बनाएं।
कार्यक्रम के अंत में साध्वी ब्रज किशोरी के आह्वान पर माताओं ने दोनों हाथ उठाकर संकल्प लिया—“मैं अपने परिवार को संस्कारयुक्त बनाऊंगी।”कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोहरी लाल धाकड़ ने की।
मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिलीप जी, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, हनुमान सेना महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र धाकड़, सरस्वती शिशु मंदिर की प्रधानाचार्य निधि तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के प्रबंधक दिनेश पचौरी ने किया।
इस अवसर पर निहाल सिंह धाकड़, नवीन प्रकाश धाकड़, बॉबी लाले, प्रेम सिंह धाकड़, राजू कुशवाहा, राजवीर धाकड़, रामू चौधरी, विक्की धाकड़, अशोक झा, जितेंद्र प्रजापति, भूपेंद्र धाकड़, मनोज चौहान, राजेंद्र धाकड़, उमाशंकर धाकड़, रानी माहौर आदि उपस्थित रहे।
न्यूज़ डेस्क








