कारागार से गोकुल तक की दिव्य यात्रा का मंचन, “नंद के आनंद भयो” से गुंजायमान हुआ नवीन गल्ला मंडी परिसर में बना पंडाल
आगरा: बुधवार 11 फरवरी 2026
श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के अंतर्गत बुधवार सायंकाल नंदोत्सव लीला का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिरस से ओतप्रोत मंचन किया गया। नवीन गल्ला मंडी परिसर साक्षात ब्रजधाम में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुर जी एवं स्वरूपों की विधिवत आरती से हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल, विक्रांत गोयल, गगन गोयल, अमन गोयल ने स्वरूपों की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद नित्य रासलीला कलाकारों ने प्रस्तुत की।
लीला में दर्शाया गया कि कंस के अत्याचारों से व्यथित मथुरा की कारागार में अर्धरात्रि के समय देवकी के गर्भ से श्री कृष्ण का दिव्य अवतरण हुआ। प्रभु के जन्म लेते ही कारागार अलौकिक प्रकाश से आलोकित हो उठी। सभी द्वारपाल गहरी निद्रा में लीन हो गए तथा देवकी और वासुदेव के हाथों-पैरों में पड़ी लोहे की बेड़ियां स्वतः खुल गईं। कारागार के विशाल द्वार अपने आप खुल गए—यह दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

इसके पश्चात वासुदेव जी बाल रूप श्री कृष्ण को टोकरी में लेकर घोर अंधेरी और वर्षा से भीगी रात्रि में गोकुल की ओर प्रस्थान करते हैं। मार्ग में उफनती यमुना भी प्रभु चरणों को स्पर्श कर शांत हो जाती हैं और शेषनाग अपनी फणों से बाल गोपाल की रक्षा करते हैं। यह दिव्य झांकी भक्तों के हृदय में आस्था और श्रद्धा का संचार करती रही।
गोकुल पहुंचकर वासुदेव जी बाल कृष्ण को मैया यशोदा की शैया के समीप सुला देते हैं और वहां जन्मी कन्या को लेकर पुनः कारागार लौट आते हैं।
प्रातःकाल जैसे ही नंद बाबा के घर पुत्र जन्म का समाचार फैला, समूचे गोकुल में आनंदोत्सव छा गया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं आनंद ने नंद के आंगन में जन्म लिया हो—“आनंद के घर सब आनंद” जैसा वातावरण बन गया। गोप-गोपियां मंगल गीत गाते हुए नंद भवन पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा, नृत्य और बधाई गीतों के बीच “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” का उद्घोष निरंतर गूंजता रहा।यशोदा मैया की गोद में बाल गोपाल की मोहक छवि ने सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

स्वामी लक्ष्मण जी महाराज एवं स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने कहा कि नंदोत्सव लीला यह संदेश देती है कि जब भगवान का अवतरण होता है, तब संपूर्ण सृष्टि आनंदमय हो उठती है। आयोजन समिति ने गुरुवार को होने वाली श्री कृष्ण की बाल लीलाओं एवं उखल बंधन लीला में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर लीला रस का लाभ लेने का आह्वान किया।
न्यूज़ डेस्क









