Home / व्यापार / डिजिटल पत्रकारिता, डेटा एनालिटिक्स और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग पर चर्चा, ताज प्रेस क्लब द्वारा समिट का आयोजन

डिजिटल पत्रकारिता, डेटा एनालिटिक्स और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग पर चर्चा, ताज प्रेस क्लब द्वारा समिट का आयोजन

आगरा: सोमवार 23 फ़रवरी 2026

ताज महोत्सव के मुक्ताकाशीय मंच पर सोमवार को आयोजित “डिजिटल युग में टूरिज्म जर्नलिज्म: डेटा, डिस्कोर्स और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग” विषयक समिट ने पर्यटन और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर गंभीर मंथन हुआ। यह कार्यक्रम ताज प्रेस क्लब और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

समिट का उद्घाटन राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने की।

मंच पर टूरिज्म इंडस्ट्री, होटल एसोसिएशन, पत्रकारिता जगत और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।मंच पर टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान, होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा, पर्यटन उद्यमी अरुण डंग, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पर्यटन विभागाध्यक्ष डॉ. लवकुश मिश्रा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट के. सी. जैन सोशल एक्टिविस्ट डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य और राजीव सक्सेना मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपक जैन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रेस क्लब के महासचिव विवेक जैन ने दिया।

समिट में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे। ताज प्रेस क्लब उपाध्यक्ष अजेंद्र सिंह चौहान, सज्जन सागर, सचिव आलोक द्विवेदी, पीयूष शर्मा, अनिल राणा तथा कार्यकारिणी सदस्य जगत नारायण शर्मा, शीतल सिंह माया, शरद शर्मा, मनीष जैन, राजेश दुबे, राजेश शर्मा, एस.पी. सिंह, वीरेंद्र इमल और फरहान खान भी उपस्थित रहे।

डेटा आधारित पत्रकारिता पर जोर

समिट में इस बात पर सहमति बनी कि डिजिटल दौर में पर्यटन पत्रकारिता अब केवल स्थलों के वर्णन तक सीमित नहीं है। इसमें डेटा एनालिसिस, विजिटर ट्रेंड, सोशल मीडिया नैरेटिव और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग की भूमिका बड़ी है। वक्ताओं ने कहा कि अगर आगरा की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है तो प्रमाणिक और शोध आधारित रिपोर्टिंग जरूरी है।

सकारात्मक रिपोर्टिंग से मिलेगी नई दिशा

केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में मीडिया की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने कहा, इडिजिटल प्लेटफॉर्म पर जो सामग्री जाती है, वही दुनिया की धारणा बनाती है। आगरा की पहचान ताजमहल तक सीमित नहीं है। यहां का शिल्प, खानपान, इतिहास और लोकसंस्कृति भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। पत्रकार यदि तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर सकारात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग करेंगे तो पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर काम कर रही है, ताकि देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे लाया जा सके।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जो सामग्री जाती है, वही दुनिया की धारणा बनाती है। आगरा की पहचान केवल ताजमहल तक सीमित नहीं है। यहां का शिल्प, खानपान, इतिहास और लोकसंस्कृति भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। पत्रकार यदि तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर सकारात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग करेंगे तो पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर काम कर रही है।समिट में यह बात स्पष्ट हुई कि डिजिटल युग में पर्यटन पत्रकारिता केवल स्थलों के वर्णन तक सीमित नहीं रह गई है। अब इसमें डेटा एनालिसिस, विजिटर ट्रेंड, सोशल मीडिया नैरेटिव और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग की महत्वपूर्ण भूमिका बढ़ गई है। वक्ताओं ने कहा कि आगरा की वैश्विक पहचान मजबूत करने के लिए प्रमाणिक और शोध आधारित रिपोर्टिंग जरूरी है।

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि पर्यटन केवल राजस्व का साधन नहीं है, बल्कि रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि प्रशासन डेटा मैनेजमेंट और विजिटर एनालिटिक्स के जरिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है।

ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों को डिजिटल टूल्स और डेटा की समझ विकसित करनी होगी। “पर्यटन पत्रकारिता अब केवल फीचर स्टोरी नहीं है। इसमें रिसर्च, ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्लेषण तीनों का संतुलन जरूरी है।

प्रेस क्लब सचिव आलोक द्विवेदी ने जोर दिया कि सूचना की गति भले तेज हो गई हो, लेकिन विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, “पर्यटन से जुड़ी खबरों में अक्सर ठोस आंकड़ों की कमी रहती है। रिसर्च आधारित लेखन और तथ्यपरक विश्लेषण ही बेहतर पत्रकारिता की पहचान है।

समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर की ब्रांडिंग केवल स्मारकों तक सीमित नहीं, बल्कि स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन और डिजिटल उपस्थिति से तय होती है।

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि अगर पत्रकारिता तथ्यपरक और दूरदर्शी होगी, तो आगरा को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा सकता है। यह समिट न केवल पर्यटन पत्रकारिता में नई दिशा देने वाला साबित हुआ, बल्कि आगरा की वैश्विक छवि और पर्यटन विकास में भी योगदान देगा।

विशेष संवाददाता

Go9 न्यूज़ अब व्हाट्सएप पर भी। यूट्यूब और गूगल पर पहले से ही आपकी सेवा में तत्पर। Please follow our whataap channel for news update, Thanks🙏

Follow the Go9News channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VbBYeAzLdQebI8tEHq0m

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *