उत्तरी बाईपास के बावजूद शहर में घुस रहे भारी वाहन, सख्त कार्रवाई की मांग
टीटीजेड में हरित क्षेत्र बढ़ाने की जरूरत, वृक्षारोपण प्रक्रिया बने सरल और व्यवहारिक
आगरा: बुधवार 15 अप्रैल 2026
संजय प्लेस क्षेत्र में पैदल चलने वालों की सुरक्षा तथा पद यात्रियों के सड़क पर चलने के कारण ट्रैफिक की समस्या को जिला पर्यावरण समिति की जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में आज समिति सदस्य के.सी. जैन (वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता) ने मुद्दा उठाया और यह भी ध्यान दिलाया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पैदल चलने की सुविधा को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किया है।
समिति ने इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्देशित किया कि नगर निगम संजय प्लेस परियोजना में फुटपाथ सुधार की विस्तृत योजना पायलेट परियोजना के रूप में बनाये जो अगली बैठक में प्रस्तुत की जाये।
अधिवक्ता जैन द्वारा यह भी मुद्दा उठाया गया कि 14 किलोमीटर लम्बा उत्तरी बाईपास नॉर्दर्न बायपास 4 दिसंबर 2025 से विधिवत् चालू हो गया है, जिसका मूूल उद्देश्य बाहरी भारी वाहनों को नगर क्षेत्र में प्रवेश से रोकना था, परंतु इस उद्देश्य की पूर्ति अब तक नहीं हो सकी है। वर्तमान में गैर-आगरा गंतव्य के भारी वाहन अब भी एनएच-19 के माध्यम से नगर के अन्दर से गुजर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण, यातायात अवरोध एवं दुर्घटनाओं की स्थिति लगातार बनी हुई है।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 1996 व 2006 में शहर में आने वाले भारी वाहनों को डायवर्ट करने के आदेश दिये गये थे। अधिवक्ता जैन ने कहा कि रायपुर जाट (मथुरा साइड) एवं कुबेरपुर (फिरोजाबाद साइड) पर अनिवार्य डायवर्जन लागू किया जाए, तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 115 के अंतर्गत अधिसूचना जारी करते हुए बाहरी भारी वाहनों के नगर प्रवेश पर प्रभावी प्रतिबंध लागू किया जाये। जिलाधिकारी आगरा ने इस विषय को परिक्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिये आश्वस्त किया।
बैठक में यह विषय भी उठाया कि टीटीजैड क्षेत्र में वर्तमान में मात्र लगभग 3 प्रतिशत वन आच्छादित क्षेत्र है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 22 प्रतिशत व निर्धारित लक्ष्य 33 प्रतिशत है। किसानों को पेड़ काटने की अनुमति प्राप्त करने में अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
एक पेड़ काटने पर दस गुना पौधारोपण की अनिवार्यता तथा सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति लिये जाने की अनिवार्यता के कारण किसान व निजी क्षेत्र के लोग वृक्षारोपण नहीं कर रहे हैं जो वन आच्छादन क्षेत्र को बढ़ाने और पर्यावरण सुधार में बड़ी बाधा बन रहा है। वृक्षारोपण की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक बनाया जाए।
न्यूज़ डेस्क









