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आगरा कल्चरल एसोसिएशन द्वारा होटल ग्रैंड में दिवंगत बॉलीवुड कलाकारों को संगीतमय ‘स्वर-श्रद्धांजलि’

आगरा: शनिवार 22 अगस्त 2026

आगरा कल्चरल एसोसिएशन द्वारा सुरों का संगम स्वर-श्रद्धांजलि आयोजन किया गया इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में एसोसिएशन के कलाकारों ने बॉलीवुड के दिवंगत गायकों एवं संगीतकारों के सदाबहार गीतों को गाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले 13 वर्षों से अनवरत चल रहे इस आयोजन में इस बार कलाकारों ने कुछ अलग और बेहद शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों श्री पूरन डावर, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, संरक्षक डॉ. ए.एस. सचान, डॉ. विकास जैन, डॉ. रूपक सक्सेना एवं संस्था के अध्यक्ष धन्वंतरि पाराशर सहित सभी पदाधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीप प्रज्वलन के बाद गीत-संगीत का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले डॉ. मंजरी शुक्ला ने ‘वंदे मातरम’ की सुरीली प्रस्तुति दी, जिसके बाद युवानी कुंतल ने ‘सरस्वती वंदना’ पेश कर माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

इसके बाद मंच पर नृत्य और गायन की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं वैदेही सिंह के समूह नृत्य और श्रीमती रुचि शर्मा व सुश्री रुचिता भटनागर द्वारा कोरियोग्राफ किए गए समूह नृत्यों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में शहर के जाने-माने गायकों और डॉक्टरों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में पुराने और सदाबहार गीतों की ऐसी महफिल सजी कि श्रोता रात तक मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे।

सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां संगीत संध्या की शुरुआत और कलाकारों का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा।अंशु शर्मा ने ‘अगर मुझसे मुहब्बत है’ गाकर महफिल में रुमानियत घोली, वहीं डॉ. गोविंद नारायण पाण्डे ने ‘जीवन से भरी तेरी आंखे’ से दर्शकों की दाद बटोरी। डॉ. आश्वना सक्सेना की आवाज में ‘लग जा गले’ सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। इसके बाद राजू सक्सेना ने ‘अजी हम से बच कर कहाँ जाइएगा’ और सीमा रानी ने ‘हमे और जीने की चाहत’ की बेहतरीन प्रस्तुति दी।

तरंग खुशलानी ने ‘सावन के झूले पड़े’ और ‘नैना बरसे रिमझिम रिमझिम’ जैसे गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया।राजीव श्रीवास्तव ने भावुक कर देने वाला गीत जाने चले जाते हैं कहाँ’ पेश किया, तो अनुष्का माथुर ने ‘निगाहें मिलाने को जी चाहता है’ गाकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।

शास्त्रीय और सुगम संगीत का संगम देवेश अग्रवाल ने ‘झनक झनक तोरी बाजे पायलिया’ पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। डॉ. मंजरी शुक्ला ने ‘यूँ हसरतों के दाग’ और डॉ. रूपक सक्सेना ने ‘ओ हँसनी’ गाकर खूब तालियां बटोरीं। डॉ. विकास जैन के ‘मेरे महबूब तुझे मेरी मुहब्बत की कसम’ और श्रीमती आकांक्षी खन्ना के ‘कांटो से खींच के ये आँचल’ ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

महफिल को आगे बढ़ाते हुए हरीश आहूजा ने चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे’, सुपर्णा सरकार ने ‘खिलते हैं गुल यहाँ’, और गुञ्जन जैन ने ‘दिल का खिलौना हाय टूट गया’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। अरुण कुमार साहू ने ‘कल चौदहवीं की रात थी’ और सचेन्द्र कुमार सिंह ने ‘बड़ी दूर से आये हैं’ गाकर वाहवाही लूटी। अंत में रचना अग्रवाल ने ‘ऐ दिल मुझे बता दे तू किस पर गया है’ गाकर अपनी गायकी का लोहा मनवाया।

कुशल प्रबंधन और संगत कलाकारों का साथ इस सफल कार्यक्रम का संगीत निर्देशन गुरु व अध्यक्ष सुभाष सक्सेना ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन महासचिव आर. पी. सक्सेना द्वारा और संयोजन मुकेश शुक्ला द्वारा बखूबी किया गया। मंच तथा तकनीकी व्यवस्था को अनुराग माथुर ने पूरी जिम्मेदारी के साथ संभाला।

गायकों की प्रस्तुति को और अधिक प्रभावी बनाने में संगत कलाकारों का विशेष योगदान रहा। हारमोनियम पर सुभाष सक्सेना, की-बोर्ड पर रोहन जी, पैड पर बबलू भाई, तबले पर मनीष जी और ढोलक पर शैलेश सक्सेना ने अपनी जुगलबंदी से संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया गया।

विशेष आकर्षण :

नन्हीं तरंग खुशलानी ने अपनी सुरीली और भावपूर्ण गायकी से वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाने में शिव कुमार शर्मा जी की विशेष प्रस्तुति सबसे अनमोल और यादगार रही। इस कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने कलाकारों की प्रतिभा की जमकर सराहना की।

पूरे कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने और इसकी व्यवस्था संभालने में प्रमुख सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था और प्रबंधन में डॉ. आनंद राय, दीपक गुप्ता, पूजा भौमिक, वंदना कक्कड़, आरती श्रीवास्तव, डॉ. गुलशन ग्रोवर, अंशुमान, संजीव सक्सेना, आर. के. कपूर, रुदाक्ष सेठ, नितिन जौहरी, संगीत राठौर, वंदना परिहार, सुंदर लाल चेतवानी, अमित कोहली, अवधेश उपाध्याय, अमित सिन्हा, नेहा जौहरी, कनिष्का खुशलानी, विशाल रायजादा, अजय कुलश्रेष्ठ, दिशा वर्मा और सुशील श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित और सक्रिय रहे।

सभी उपस्थित अतिथियों ने कार्यक्रम के सफल प्रबंधन की सराहना की और अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष एवं गुरु श्री सुभाष सक्सेना द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा का समापन हुआ।

विशेष संवाददाता

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