उद्योगों को बिजली कनेक्शन और लोड वृद्धि न मिलने से विकास प्रभावित
दिनांक: 6 जून 2026
विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पर्यावरण मित्र के. सी. जैन तथा उद्योगपति पूरन डावर ने आगरा के मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप से भेंट कर ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र (TTZ) में वनावरण वृद्धि तथा औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में के. सी. जैन ने कहा कि ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र में निजी भूमि स्वामी एवं किसान वृक्षारोपण करने से बच रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि भविष्य में पेड़ों के कटान के लिए सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति प्राप्त करने की जटिल प्रक्रिया तथा एक वृक्ष काटने पर दस वृक्ष लगाने जैसी शर्तें लोगों को वृक्षारोपण के लिए हतोत्साहित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ताज क्षेत्र में वास्तव में हरित आवरण बढ़ाना है तो किसानों और निजी भूमि स्वामियों को वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना होगा। वृक्ष लगाने वालों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि लोग निडर होकर अपनी भूमि पर अधिक से अधिक वृक्ष लगा सकें। जब तक किसान वृक्षारोपण को लाभकारी और सहज नहीं समझेंगे, तब तक टीटीजेड में वनावरण बढ़ाना कठिन होगा।
उद्योगपति पूरन डावर ने मंडलायुक्त को बताया कि लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र में औद्योगिक विकास लगभग ठहर सा गया है। अनेक उद्यमियों को नए विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने तथा वर्तमान उद्योगों में विद्युत भार (लोड) बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण नए उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे हैं तथा कई उद्यमी अन्य क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव रोजगार, श्रमिक वर्ग तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और कमजोर हो सकती है।
मंडलायुक्त श्री नागेन्द्र प्रताप ने रखे गए सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन विषयों पर सकारात्मक पहल करते हुए संबंधित विभागों के साथ आवश्यक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यह भी सुझाव दिया गया कि ताज क्षेत्र में किसानों और नागरिकों को बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष अभियान चलाए जाएँ, जिससे पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों उद्देश्यों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सके।
न्यूज़ डेस्क









