आगरा: बुधवार 10 जून 2026
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के कथित दुरुपयोग का एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि एक निजी अस्पताल से नवजात बच्चे को सरकारी एम्बुलेंस के माध्यम से लेडी लायल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि इसके लिए आवश्यक रेफर लेटर मौजूद नहीं था।
जानकारी के अनुसार, सरकारी नियमों के तहत किसी मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए विधिवत रेफरल की आवश्यकता होती है, लेकिन इस मामले में बिना किसी वैध रेफरल दस्तावेज के नवजात को सरकारी एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचा दिया गया।
सूत्रों का दावा है कि पूरे प्रकरण में एक आशा कार्यकर्ता की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता की मिलीभगत से मरीज को बिना रेफरल के स्थानांतरित किया गया।

वहीं एम्बुलेंस चालक पर भी आरोप है कि उसने कथित रूप से फर्जी विवरण दर्ज कर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया। जो की सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला हैं।

बड़ा सवाल है कि बिना रेफर लेटर के सरकारी एम्बुलेंस का इस्तेमाल कैसे हुआ? क्या नियमों को दरकिनार कर मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाया जा रहा है, या फिर इसके पीछे कोई संगठित खेल चल रहा है?
न्यूज़ रिपोर्टर









