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चकबंदी आयुक्त ने की चकबंदी कार्यों की समीक्षा: लम्बित पुराने मुकदमों को गुण-दोष के आधार पर सुनाई करते हुए शीघ्र निस्तारित करने का निर्देश

अधिकारी अपनी कार्यशैली में परिवर्तन लाते हुए शासन की मंशानुरूप जनहित में कार्य करें, अन्यथा होगी कड़ी कार्यवाही

उन्नाव, सीतापुर तथा एटा के बंदोबस्त अधिकारियों से जवाब तबल तथा चेतावनी जारी करने के निर्देश

लखनऊ: 19 जून, 2026

चकबंदी आयुक्त डॉ0 हृषिकेश भास्कर यशोद शुक्रवार को इंदिरा भवन स्थित चकबंदी निदेशालय के सभागार में प्रदेश के समस्त जनपदों द्वारा किये जा रहे चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक की।

चकबंदी कार्यों की समीक्षा करते हुए चकबन्दी आयुक्त ने समयबद्ध कार्य योजना बनाते हुए निर्धारित समयावधि में चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पीठासीन अधिकारी (डीडीसी, एसओसी, सीओ, एसीओ) लम्बित पुराने मुकदमों को गुण-दोष के आधार पर सुनाई करते हुए शीघ्र निस्तारित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली में परिवर्तन लाते हुए शासन की मंशानुरूप जनहित में कार्य करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चकबंदी कार्यों में लापरवाही करने वाले कार्मिकों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।चकबंदी आयुक्त ने सभी उप संचालक चकबंदी तथा बंदोबस्त अधिकारियों सहित सभी पीठासीन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अभियान चलाकर लम्बित मुकदमों की सुनवाई तेजी से प्रारम्भ करें तथा गुणदोष के आधार पर सुनवाई करते हुए मुकदमों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

चकबंदी आयुक्त ने डीडीसी एवं एसओसी को लम्बित मुकदमों की नियमित सुनवायी करते हुए 3 और 5 वर्ष से अधिक के पुराने मुकदमों की सुनवाई प्राथमिकता पर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मुकदमें ऑनलाइन पंजीकृत किए जाएं। उन्होंने डीडीसी मुख्यालय को इसकी साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में धारा 52 की कार्यवाही अपूर्ण है वहां कार्मिकों की संख्या बढ़ाते हुए नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण कराने का निर्देश दिया। चकबंदी आयुक्त ने चकबंदी कार्यों में तेजी लाते हुए सीमांकन तथा कब्जा परिवर्तन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने उप संचालक चकबंदी तथा बंदोबस्त अधिकारियों को तहसील स्तर से उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार से समन्व्य स्थापित कर ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित बेदखली धारा 67 की कार्यवाही करने का निर्देश दिया। चकबंदी आयुक्त ने समस्त उप संचालक चकबंदी तथा बंदोबस्त अधिकारियों को विभागीय कर्मियों के विरूद्ध प्रचलित विभागीय कार्यवाहियों को एक माह के अंदर पूरा करते हुए मुख्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों के प्रति की गयी लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी। चकबंदी आयुक्त ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया के तहत चक निर्माण हेतु किसी भी दशा में कृषकों से 3 प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती न की जाए, अपरिहार्य स्थिति में चकबंदी आयुक्त से अनुमति के उपरान्त ही भूमि कटौती के संबंध में अग्रेतर कार्यवाही की जाए।उन्नाव के बंदोबस्त अधिकारी को चकबंदी कार्य में शिथिलता बरतने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुए निदेशालय स्तर से चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए। सीतापुर के बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को चकबंदी कार्यों में शिथिलता बरतने पर जवाब तलब करने के निर्देश दिए गये।

एटा में चकबंदी कार्यों की प्रगति कम होने पर बंदोबस्त अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।इस बैठक में अपर आयुक्त चकबंदी अरूण प्रकाश, उप संचालक चकबंदी संत कुमार, आलोक कुमार, राम किशोर, बंदोबस्त अधिकारी अजय कुमार सहित प्रदेश के समस्त उप संचालक चकबंदी तथा बंदोबस्त अधिकारी उपस्थित थे।

लखनऊ ब्यूरो

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