आगरा: मंगलवार 29 सितंबर 2026
जनपद न्यायालय प्रांगण समेत आगरा की कमिश्नरी एवं जनपद आगरा के समस्त तहसीलों में 26 सितंबर 2001 को उच्च न्यायालय की खंडपीठ आगरा में बनाने हेतु शांतिपूर्ण बैठक कर रहे जनपद न्यायालय आगरा में अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज करने, उनके वाहनों को एवं फर्नीचर लाइब्रेरी को क्षतिग्रस्त करने एवं न्यायिक अधिकारियों को गंभीर रूप से आहत करने के खिलाफ काला दिवस मनाया गया।
प्रतिवर्ष की भाँति सैकडों की संख्या में प्रातः 10:00 से 2:00 बजे तक जनपद न्यायालय प्रांगण में मार्च निकाला। अधिवक्ता जिंदाबाद तथा उच्च न्यायालय की खंडपीठ आगरा में बनाओ, अधिवक्ता एवं आगरा बार एसोसिएशन के क्षतिग्रस्त वाहनों और लाइब्रेरी का मुआवजा दो, दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित करो, अभी तो अलीगढ़ आई है, आगे और लड़ाई है, जुल्मी कब तक जुल्म करेगा, सत्ता के अधिकारों से, चप्पा चप्पा गूंज रहा है इंकलाब के नारों से, जो हमसे टकराएगा, चूर चूर हो जाएगा, हर जोर जुल्म की टक्कर में, संघर्ष हमारा नारा है, आदी गगन भेदी नारे लगा रहे थे।

जनपद न्यायालय समेत आगरा के समस्त तहसीलों एवं कमिश्नरी पर काला दिवस मनाकर उच्च न्यायालय के खंडपीठ की आगरा में स्थापना की मांग की गई।
अंत में अधिवक्ताओं ने न्यायालय प्रांगण में सभा करके उच्च न्यायालय की खंडपीठ आगरा में बनाए जाने की केंद्र सरकार से मांग की और बैठक का समापन उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के संयोजक अरुण कुमार सोलंकी एडवोकेट ने किया।
श्री सोलंकी ने सभी अधिवक्ताओं को एवं तहसील के समस्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आज काला दिवस सफलतापूर्वक मनाने के लिए धन्यवाद दिया।
विशेष संवाददाता











